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तपोभूमि में 26 को महावीर स्वामी का महामस्तकाभिषेक
इंदौर रोड स्थित महावीर तपोभूमि में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर होने वाले भगवान महावीर स्वामी के महामस्तकाभिषेक के लिए पहली बार एक से अधिक आचार्य मौजूद रहेंगे। आचार्य पुलक सागर और प्रमुख सागर विहार कर नरवर तक पहुंच गए हैं। देवासरोड स्थित निजी संस्थान में गुरुवार सुबह उनके प्रवचन होंगे। इसके बाद वे तपोभूमि के लिए विहार करेंगे।
महावीर तपोभूमि की स्थापना करने वाले मुनि प्रज्ञा सागरजी ने धर्म और राष्ट्रभक्ति को जोड़ने के लिए भगवान के महामस्तकाभिषेक के लिए गणतंत्र दिवस का दिन तय किया था। इसी परंपरा का निर्वाह किया जा रहा है। 26 जनवरी को होने वाले महामस्तकाभिषेक के मौके पर पहली बार एक से अधिक आचार्य मौजूद रहेंगे। आचार्य पुलक सागर, प्रमुख सागर और प्रणीत सागर की स्वीकृति मिल जाने से तपोभूमि ट्रस्ट ने खास तैयारी शुरू की। दो आचार्य तपोभूमि के लिए विहार कर चुके हैं। दोनों बुधवार को नरवर पहुंच गए।
आज निजी शिक्षण संस्थान में देंगे प्रवचन
दोनों आचार्य गुरुवार को देवासरोड स्थित निजी शिक्षण संस्थान में सुबह 10 बजे पहुंच कर प्रवचन देंगे। उनके साथ अन्य 11 साधु-साध्वियों का मंडल भी आएगा। निजी संस्थान में वे मैनेजमेंट फंडा एवं जीवन जीने की कला तथा धर्म से कैसे आगे कैसे बढ़े इस पर विशेष प्रवचन देंगे।
राष्ट्रीय प्रतीकों से सजाएंगेे
तपोभूमि सह सचिव डॉ. सचिन कासलीवाल ने बताया तपोभूमि को राष्ट्रीय प्रतीकों से सजाएंगे। 2 आचार्य, 1 मुनि, 3 छुल्लक एवं 4 छुल्लिकाजी मौजूद रहेंगे। यह एक अद्भुत नजारा होगा। तपोभूमि के संस्थापक अशोक जैन, अध्यक्ष कमल मोदी, सचिव दिनेश जैन, उपाध्यक्ष विमल जैन पाटनी, कोषाध्यक्ष इंदरमल जैन, अतुल सोगानी, सुलोचना सेठी, अंजू ओम जैन आदि तैयारी में लगे हैं।
उज्जैन की ओर विहार करते पुलक सागरजी व प्रमुख सागरजी।